करनाल में नया जन-भागीदारी अभियान, हर घर की जिम्मेदारी
जून की तेज़ धूप में यदि किसी से कहा जाए कि वह पेड़ की छाया में आए, तो अक्सर सवाल उठता है “क्यों?” यही सोच हमें रोज़मर्रा की आदतों में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करती है। बिना स्पष्ट कारण और लाभ के कोई भी आदत बदलना आसान नहीं होता। इसी दृष्टिकोण से करनाल में म्युनिसिपल कमिश्नर डॉ. वैशाली शर्मा के नेतृत्व और कर्नल P.S. बिंद्रा के अनुभव के सहयोग से प्रोजेक्ट मिल्की वे की शुरुआत की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है दूध के खाली पैकेट और अन्य खाद्य-प्लास्टिक को गलियों, नालियों और जानवरों के लिए खतरा बनने से रोकना।
योजना कैसे काम करेगी
इस अभियान में हर घर की भागीदारी अहम है। बस कुछ सरल कदम उठाकर आप इसमें योगदान दे सकते हैं: दूध या अन्य पैकेट इस्तेमाल के बाद उन्हें काटें। पैकेट को उल्टा करके नल के नीचे 10 सेकंड रखें और बड़े लिफाफे में जमा करें। लिफाफे पर नाम, मकान नंबर और मोबाइल नंबर लिखें। निर्धारित कलेक्शन पॉइंट या दुकानों पर जमा करें। हर जमा पैकेट एक लकी ड्रॉ टिकट बन जाता है। जितने ज़्यादा पैकेट, उतने ज़्यादा जीतने के मौके। हर महीने प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार घोषित किए जाएंगे, ताकि सभी उम्र के लोग उत्साह से जुड़ें।
क्यों है यह ज़रूरी
गलत तरीके से फेंके गए दूध और खाद्य पैकेट कई समस्याएं पैदा करते हैं: नालियों में जाम लगाकर जलभराव।गाय और अन्य पशुओं के लिए खतरा। मिट्टी और पानी में लंबे समय तक प्रदूषण। प्रोजेक्ट मिल्की वे का उद्देश्य पैकेटों को स्रोत पर ही साफ़, अलग और रीसायक्लिंग योग्य बनाना है। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि शहर के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
पुरानी सोच, नया तरीका
कर्नल P.S. बिंद्रा के इस मॉडल की शुरूआत नया नहीं है। साल 2008 में बठिंडा कैंट में इसी तरह की पहल सफल रही थी। अब उसी अनुभव को बड़े स्तर पर करनाल में लागू किया जा रहा है। आगे आने वाले चरणों में रिफाइंड तेल के खाली पैकेट और अन्य खाद्य-प्लास्टिक भी अभियान में शामिल किए जाएंगे। संदेश स्पष्ट है “प्लास्टिक कचरा नहीं है, यदि सही तरीके से संभाला जाए।”
जन-आह्वान: जिम्मेदारी और गर्व
यह अभियान किसी जुर्माने या डर पर आधारित नहीं है। इसका उद्देश्य है लोगों में जिम्मेदारी, गर्व और भागीदारी की भावना जागृत करना। एक पैकेट छोटा हो सकता है, लेकिन हजारों पैकेट मिलकर करनाल को बदल सकते हैं।
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