सरहिंद के पास बोगी में लगी आग, सतर्कता और तत्परता ने बचाई सैकड़ों जान
पंजाब | 18 अक्टूबर 2025 — शनिवार की सुबह अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12204) में उस समय अफरातफरी मच गई जब एक कोच में अचानक आग लग गई। यह घटना सरहिंद स्टेशन पार करते ही सुबह करीब 7 बजे हुई। ट्रेन में सवार एक सतर्क यात्री ने धुआं निकलता देखा और तुरंत इमरजेंसी चेन खींच दी, जिससे ट्रेन रोकी जा सकी।
आग की लपटें और धुएं को देखकर कोच में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। लोग अपने बच्चों और सामान को लेकर जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। इस भगदड़ में कई लोग मामूली रूप से घायल हुए, जबकि एक महिला झुलस गई।
घटना कैसे हुई? यात्रियों की जुबानी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही ट्रेन ने सरहिंद स्टेशन को पार किया, कोच संख्या 19 से धुआं निकलता देखा गया। यात्रियों ने तुरंत आवाज़ उठाई और ट्रेन रुकवाने के लिए चेन खींची। लोको पायलट ने तत्परता दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाई और ट्रेन को सुरक्षित स्थान पर रोक दिया। तभी अचानक बोगी से आग की लपटें उठने लगीं।
यात्री दहशत में आ गए। बच्चों को गोद में उठाकर लोग नीचे उतरने लगे। कई यात्रियों का सामान कोच में ही छूट गया। एक व्यापारी यात्री ने बताया, “हमारी तो सांस ही अटक गई थी, सब तरफ सिर्फ चीख-पुकार थी।”
रेलवे और फायर ब्रिगेड की तत्परता से टला बड़ा हादसा
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे स्टाफ, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
नॉर्दर्न रेलवे ने बताया कि बठिंडा स्टेशन के पास चलते-चलते धुआं दिखाई देने पर तुरंत ट्रेन को रोका गया और राहत कार्य शुरू कर दिया गया।
रेलवे ने जारी किया बयान
रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया, “सभी यात्रियों को समय रहते दूसरे कोच में शिफ्ट कर दिया गया। घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी हालत खतरे से बाहर है। ट्रेन को थोड़ी देरी के बाद गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।”
रेलवे ने यह भी आश्वासन दिया कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
सवालों में रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था
हालांकि बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल जरूर खड़े करती है।
क्या ट्रेन में आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण थे?
क्या कोच में फायर अलार्म सिस्टम सक्रिय था?
क्या कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण मिला हुआ है?
इन सभी सवालों के जवाब अब रेलवे जांच के बाद देगा, लेकिन यात्रियों की दहशत इस बात का संकेत है कि सुधार की बहुत आवश्यकता है।



